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Saturday, March 28, 2020

March 28, 2020

महाभारत और रामायण तक टीवी पर फिर लौट रहे 90 के दौर के ये 4 पॉपुलर शो



कोरोना के चलते पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगा हुआ है. ऐसी परिस्थिति में लोगों के लिए टाइम बिताना मुश्किल साबित हो रहा है. लेकिन इस बीच बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया है कि एक बार फिर दूरदर्शन पर रामानंद सागर की रामायण का प्रसारण किया जाएगा.

फिर देख सकेंगे रामानंद सागर की रामायण
प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर लोगों को ये खुशखबरी दी है. वो ट्वीट करते हैं- जनता की मांग पर कल शनिवार 28 मार्च से 'रामायण' का प्रसारण पुनः दूरदर्शन के नेशनल चैनल पर शुरू होगा. पहला एपिसोड सुबह 9.00 बजे और दूसरा एपिसोड रात 9.00 बजे होगा.
बता दें कि ये अटकले तो लंबे समय से लगाई जा रही थीं कि दूरर्दशन पर रामायण और महाभारत का प्रसारण किया जाएगा.
March 28, 2020

साबुन या सैनिटाइजर, कोरोना वायरस से बचने के लिए दोनों में से क्या है बेहतर


भारत में तेजी से कोरोना वायरस (Coronavirus) अपने पैर पसार रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में समय-समय पर अपने हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से धोकर इस वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है। लेकिन उससे पहले ये जानना जरूरी है कि साबुन या सैनिटाइजर में से कोरोना से लड़ने के लिए सबसे मजबूत हथियार क्या है?
चीन के वुहान शहर में पैदा हुआ कोरोना वायरस अब तक से भी दुनियाभर के कई देशों को अपना शिकार बना चुका है। भारत में भी कोरोना वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है। देश के चारों कोनों में जारी लॉकडाउन के बीच भी कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब तक देश में संक्रमण के 918 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दुनियाभर में जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़कर पांच लाख से अधिक हो गई है और 22,000 से अधिक लोग इस महामारी के चलते दम तोड़ चुके हैं।

Thursday, March 28, 2019

March 28, 2019

गूगल ने लॉन्च किया Google Stadia, बिना डाउनलोड किए खेल सकेंगे वीडियो गेम



गूगल जल्द ही लोंच करनेवाला है क्लाउड गेमिंग जिसका नाम है GOOGLE STADIA. ये एक एसा फीचर है जिसके जरीये आप कोइ भी गेम आसानी से अपने स्मार्टफोन, टैबलेट, टीवी, लैपटॉप और कंप्यूटर पर खेल सकेगें और इसके लिये आपको सिर्फ चाहिये इन्टरनेट कनेक्शन। आप सिर्फ इन्टरनेट के जरीये कोइ भी हाइ ग्राफिक्स की गेम खेल सकेगें और आपको कोइ हार्डवेर या महेंगे स्मार्टफोन या महेंगे कंम्प्युटर खरीदने कि जरूरत नही आप अपने पुराने फोन और कंम्प्युटर पर खेल पायेगें । मजेदार बात तो ये है कि आपको गेम डाउनलोड करने कि जरूरत भी नहीं आपको सिर्फ GOOGLE STADIA ओपन करके सीधा गेम प्ले करना होगा । आपको कोइ डाटा भी डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी ।
इसके साथ ही GOOGLE STADIA मे यूट्यूब का भी सपोर्ट मिलेगा। साथ ही में डेवलपर्स के पास इस बात का विकल्प होगा कि वे इसमें प्ले बटन जोड़ सकेंगे ताकि यूजर्स यूट्यूब पर वीडियो गेम सीधे तौर पर खेल सकें। इसमें दो बटन दिए गए हैं जिनकी मदद से आप दोस्तों के साथ भी गेम को शेयर कर सकेंगे। इसमें गूगल के डाटा सेंटर का लिंक दिया गया है ताकि सर्च करने में आसानी हो, हालांकि स्टेडिया के इस्तेमाल के लिए आपको इंटरनेट की जरूरत होगी। यह देखने में काफी हद तक वीडियो गेम कंसोल जैसा है लेकिन यह कंसोल नहीं है।
दरअसल गूगल का स्टेडिया क्लाउड गेमिंग का एक उदाहरण है जिस पर ऐप्पल, अमेजन और वेरिजॉन जैसी कंपनियां काम कर रही हैं। सैंन फ्रांसिस्को में आयोजित गूगल के इस डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा, 'जब हमने गूगल क्रोम को लॉन्च किया था, तभी हमने कल्पना कर ली थी कि यह एक आधुनित वेब एप्लिकेशन साबित होगा। हमें इस बात का पूरा भरोसा था कि क्रोम के जरिए हाई-क्वालिटी वीडियो गेम खेला जा सकेगा।
'स्टेडिया' एक क्लाउट आधारित सेवा है, जिसे इंटरनेट की मदद से लॉगइन करके खेला जा सकता है। हालांकि लॉगइन करने के लिए गूगल के लिए सिर्फ क्रोम ब्राउजर, क्रोम ओएस, पिक्सल फोन और क्रोमबुक का इस्तेमाल कर पाएंगे। स्टेडिया के लिए असासिन्स क्रीड ऑडीसी (Assassin’s Creed Odyssey) नाम के गेम को सबसे पहले और केवल इसका ही परीक्षण किया गया जो जनवरी में खत्म भी हो चुका है। गूगल ने यह भी साफ किया है कि इस सेवा को केवल एक ही गेम के लिए नहीं बनाया है यानी इसमें और भी गेम शामिल किए जाएंगे। 
गूगल ने अभी इस सेवा के बदले ली जाने वाली कीमत के बारे में नहीं बताया है और न ही यह बताया है कि ये मुफ्त सेवा होगी या फिर सब्क्रिप्शन आधारित। अभी इस सेवा को अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और यूरोप के लिए लॉन्च किया गया है और इस साल के आखिर तक उनके लिए उपलब्ध हो जाएगा।

Wednesday, February 27, 2019

February 27, 2019

Reliance Jio Group Talk लॉन्च, अब एक साथ 10 लोगों से कॉन्फ्रेंस कॉल कर शकेगें


लगभग ढाई साल पहले रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने टेलीकॉम इंडस्ट्री में जब दस्तक दी थी, तो इस क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के हाथ-पांव फूलने लगे थे. आज भी स्थिति कुछ ऐसी ही है. कंपनियों के पसीने छूटने लगे थे और अाज भी इन कंपनियों की कुछ ऐसी ही हालत है.

Tuesday, February 26, 2019

February 26, 2019

PACL रिफंड फोर्म घरबेठे आवेदन कैसे करे ? जानिए....


पीएसीएल (PACL) इंडिया लिमिटेड की निवेश योजना पर्ल्स (Pearls) में पैसा लगाने वाले लाखों छोटे-बड़े निवेशकों के लिए बीते दिनों अच्छी खबर आई कि अब उन्हें उनका पैसा वापस मिल सका है. बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने बताया कि पूरे मामले की जांच कर रहे जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी ने फैसला किया है कि अब निवेशक अपना क्लेम फाइल कर सकते हैं. ऑनलाइन पैसा वापस पाने के लिए अलग से एक वेबसाइट बनाई गई है, जिसका पता है- http://sebipaclrefund.co.in/

Monday, January 28, 2019

January 28, 2019

PUBG जल्द ला रहा है प्लेयर्स के लिए बडा तोहफा जानिए !


PUBG आज भले ही पूरी दुनिया में काफी लोकप्रिय मोबाइल गेम हो गया है लेकिन भारत में पबजी गेम सबसे ज्यादा खेला जा रहा है और भारत में यह एक आदत के रूप में फैल रहा है। अभी हाल ही में जम्मू-कश्मीर में पबजी खेलने के कारण फिटनेस ट्रेनर की मानसिक हालत बिगड़ गई थी जिसके बाद गेम को राज्य में बैन करने की मांग उठी है, वहीं गुजरात में भी पबजी पर बैन लगाने की मांग चल रही है।

Monday, December 24, 2018

December 24, 2018

30,000 से ज्यादा फर्जी PUBG अकाउंट बैन, चीट कोड इस्तेमाल करने का आरोप


पॉप्युलर बैटल गेम  PUBG के निर्माताओं ने Vikendi snow map के रिलीज के बाद 30,000 से ज्यादा फर्जी अकाउंट बैन कर दिए हैं। इन यूजर्स पर चीट कोड का इस्तेमाल करने का आरोप है। गेम कॉर्प्स ने भी कई ऑनलाइन गेम्स पर बैन लगाया था। ऐसे PUBG प्लेयर्स के अकाउंट पर बैन लगाया गया है, जिन्होंने ऑनलाइन मैचेज के दौरान रडार हैक चीट का इस्तेमाल किया। रडार हैक के इस्तेमाल के जरिए प्लेयर विरोधी खिलाड़ी की पोजीशन देख सकता है। इसके लिए किसी सेकेंड मॉनीटर की जरूरत होती है या फिर किसी स्मार्टफोन ऐप से भी ऐसा किया जा सकता है। इस बारे में कई यूजर्स ने ऑनलाइन फोरम पर शिकायतें दर्ज की हैं। इसके बाद गेम मेकर्स ने 30 हजार से ज्यादा अकाउंट्स पर बैन लगा दिया है। हालांकि, इससे बैन की जद में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी आए हैं जिनके बारे में निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने चीट कोड का इस्तेमाल किया है। 

Tuesday, October 9, 2018

October 09, 2018

गूगल प्लस से 5 लाख यूजर्स का डाटा हुआ प्रभावित, बंद होगी सर्विस, जानें क्या है पूरा मामला



गूगल ने सोमवार को अपने सोशल नेटवर्क गूगल प्लस को बंद करने की घोषणा कर दी है। गूगल के प्रोजेक्ट स्ट्रोब द्वारा पाए गए विश्लेषण के अनुसार गूगल प्लस को बंद करने के पीछे का कारण यह है की गूगल अपने प्रोडक्ट को सफलतापूर्वक बढ़ा नहीं पाया। गूगल इस प्रोडक्ट को लेकर उपभोक्तओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। गूगल प्लस को बंद करने की खबरें तो काफी समय से आ रही थी, लेकिन फिर भारत में ही सही इस प्रोडक्ट को यूजर्स इस्तेमाल कर रहे थे। हालांकि, इस मामले की दो बड़ी बातें हैं जो सबसे ज्यादा ऑनलाइन यूजर्स को प्रभावित करती हैं।

गूगल ने ऐप्स को सीमित करने का निर्णय लिया:

यहां एक बड़ा बिंदु जीमेल का है। गूगल ने उन ऐप्स को सीमित करने का फैसला लिया है जो यूजर्स से डाटा इस्तेमाल करने के लिए परमिशन मांगती हैं। अब से जो ऐप्स सीधे ईमेल फंक्शन करने में जिम्मेदार हैं, वो ही डाटा एक्सेस कर पाएंगी। इससे एक बड़ा प्रश्न यह उठता है की क्या अब तक ये ऐप्स डाटा का गलत इस्तेमाल कर रही थीं? अन्यथा गूगल एप्स परमिशन से सम्बंधित इतना बड़ा कदम क्यों उठाएगा?

एक्सेस को सीमित किया:

यह मुद्दा कई वर्षों से चला आ रहा है। गूगल ने एंड्रॉइड ऐप्स को एसएमएस और कॉल लॉग्स का डाटा इस्तेमाल करने के लिए सीमित कर दिया है। इतने वर्षों से ये ऐप्स बिना जरुरत के इस तरह के डाटा को एक्सेस कर रही थीं। उदाहरण के लिए: टॉर्च ऐप को आपके कॉन्टैक्ट लिस्ट को एक्सेस करने की अनुमति क्यों चाहिए? यह मामला सिर्फ टॉर्च एप तक सीमित नहीं है, लगभग सभी ऐप्स के पास यूजर्स के कॉन्टैक्ट्स और एसएमएस को एक्सेस करनी की अनुमति है।

अब गूगल ने यह निर्णय लिया है की यूजर्स के पास यह अधिकार और विस्तृत रूप में होगा। यूजर्स यह निर्णय ले पाएंगे की वो कौन-सा डाटा ऐप्स के साथ शेयर करेंगे। हालांकि, इससे डाउनलोड प्रक्रिया थोड़ी लम्बी हो जाएगी। लेकिन इससे यूजर्स यह निर्धारित कर पाएंगे की उन्हें कौन-सा डाटा शेयर करना है।

अल्फाबेट इंक के गूगल ने कहा है कि एक बग से गूगल प्लस के पांच लाख यूजर अकाउंट प्रभावित हुए हैं। इससे यूजर्स का डाटा एक्सटर्नल डेवलपर्स के सामने उजागर होने का खतरा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए सोशल नेटवर्क को बंद करने का फैसला लिया है।

गूगल ने नियामक छानबीन के डर से इस मुद्दे को जाहिर नहीं करने का फैसला लिया है। अनाम सूत्रों और आंतरिक दस्तावेजों के हवाले से इस आशय की जानकारी वॉल स्ट्रीट जनरल ने दी है। फेसबुक डाटा लीक और अब गूगल प्लस की इस खबर के बाद यूजर्स को यह सोचना होगा की वो किसी भी तरह की सेवाओं पर आंख मूंद कर विश्वास ना करें। इंटरनेट के इस दौर में अब समय है की यूजर्स अपने डाटा की जिम्मेदारी खुद लें।